नई दिल्ली

मन्दिर चन्दा विवाद और अडानी के शेयरों के भाव गिरने में सीधा रिश्ता, मन्दिर और अडानी का रिश्ता क्या है?

कृष्णन अय्यर

नई दिल्ली। मन्दिर चन्दा विवाद और अडानी के शेयर के भाव गिरने में सीधा रिश्ता है दोनो घटनाएं एक ही दिन घटित हुई है तो मन्दिर और अडानी का रिश्ता क्या है? बिना किसी डेटा के सहजता से लिखता हूँ। (डेटा गूगल पर उपलब्ध है)

अडानी के शेयर गिरना कोई साधारण घटना नही है, इन शेयरो के सहारे ही अडानी की पूरी फाइनेंसिंग टिकी हुई है। शेयर के भाव अस्वाभाविक रूप से गिरने पर पूरा सिस्टम खराब हो जाता है।

एक ट्वीट आया और शेयर गिर गए? ऐसा भी सम्भव नही है क्योंकि अडानी के शेयर रिटेल निवेशक के हाथों में ना के बराबर है तो बेचा किसने? किसीने नही बेचा।

अडानी की कंपनियो में अडानी की हिस्सेदारी 50%+ से 70%+ तक है। इसके अलावा बड़े विदेशी/देशी निवेशक के पास 20%+ से 30%+ तक शेयर है..ये निवेशक ऐसे किसी ट्वीट के कारण किसी कंपनी में शेयर नही बेचते ऐसे निवेशक 24 घन्टे कंपनी के मालिक के कॉन्टैक्ट में रहते है।

विदेशी निवेशक के पास शेयर रहना एक तरह का अघोषित/अलिखित उधार है..जब तक विदेशी निवेशक को एग्रीमेंट के अनुसार सबकुछ मिलता रहता है वो देखता भी नही आज भी विदेशी निवेशको ने 1 शेयर भी नही बेचा है।

अडानी के शेयर का गिरना शायद एक कॉरपोरेट युद्ध की घोषणा है..क्योंकि जब पब्लिक के पास बेचने को शेयर नही, जिसके पास शेयर है उसे बेचने की इजाजत नही तो थोड़े से शेयर बिकने पर इतनी बड़ी गिरावट किसी भविष्य में होने वाली घटना का ट्रेलर है।

अडानी पर सवाल उठने पर जवाब देना कठिन है..वैसे भी अडानी और PM के रिश्तों पर जनता को शक है। अडानी को बचाने मन्दिर को सामने लाया गया सबको रामद्रोही बताया जाने लगा मन्दिर के पीछे अडानी को छिपा दिया गया। (AAP का खेल समझे?)

अडानी का मामला लगभग 600 करोड़ डॉलर + का है..और इस देश की जनता 18 करोड़ के चंदे में उलझ कर रह गई। याद रखिए, अडानी को बचाने के लिए पूरे देश की बलि चढ़ सकती है।

( Credited-Fb #krishnaniyer )

Tags

redbharat

हर खबर पे नजर, दे सबकी खबर

Related Articles

Back to top button
Close
Close