उत्तराखण्डहल्द्वानी/रानीखेत

सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन से खिलवाड़!

श्याम सिंह रावत –

बुलेटप्रूफ जैकेट सप्लाइ ऑर्डर निजी कंपनियों को, सेना को किया घटिया माल सप्लाइ!

हल्द्वानी/रानीखेत/उत्तराखण्ड। फर्जी राष्ट्रवाद की धुन पर नाचने वालों को भी इस खबर से झटका लग सकता है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को बुलेटप्रूफ जैकेट सप्लाइ ऑर्डर देने के बजाय निजी कंपनियों को देने के बाद उनके द्वारा सेना को घटिया माल सप्लाइ कर दिया गया।

नतीजतन निजी फर्मों द्वारा भारतीय सेना को आपूर्ति की गई कपड़े की वस्तुओं को घटिया क्वॉलिटी के चलते सेना की इकाइयों ने अस्वीकार कर उन्हें वापस कर दिया है। भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों को निजी क्षेत्र द्वारा सप्लाई की गई, आर्मी लोगो यूनिफॉर्म और व्हाइट कॉटन कुक ड्रेस को खराब व घटिया गुणवत्ता के कारण इकाइयों ने अस्वीकार कर दिया है। ऐसे हजारों आइटम हैं, जो सीओडी कानपुर में पड़े हुए हैं।

यह गंभीर चिंता का विषय है। देश की सुरक्षा और रक्षा तैयारियों पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। यह भी पता चला है कि 1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट, जिनकी आपूर्ति एक निजी फर्म द्वारा की गई है, वे तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।

आल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फैडरेशन (एआईडीईएफ) ने सरकार से अपील करते हुए कहा है कि वह कपड़े की वस्तुओं व सेना के दस्तों के ऐसे आइटम जो उन्हें कम्फर्ट प्रदान करते हैं, को निजी फर्मों को सौंपने के अपने निर्णय की समीक्षा करे। ये निजी कंपनियां टेंडर लेने के लिए पहले तो बहुत कम कीमत का हवाला देकर प्रतिस्पर्धा में शामिल हो जाती हैं और उसके बाद उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता करती हैं।निजी क्षेत्र की ये कंपनियां गुणवत्ता वाली वस्तुओं की आपूर्ति करने में विफल रहती हैं। इसका खामियाजा भारतीय सैनिकों को भुगतना पड़ता है।

(Credit Fb Shyam Singh Rawat)

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