राजस्थानराज्य

अशोक गहलोत : काश आज अहमद पटेल होते?

देवेंद्र यादव – 

अशोक गहलोत गांधी परिवार के कितने वफादार हैं, इसकी असल परीक्षा की घड़ी सामने!

राजस्थान/भारत। शायद इन दिनों राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस के मरहूम कद्दावर नेता अहमद पटेल बहुत याद आ रहे होंगे? जब जब भी अशोक गहलोत पर राजनीतिक संकट आया, तब तब अशोक गहलोत को संकट से अहमद पटेल ने बचाया? अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने से लेकर, उनकी कुर्सी बचाने तक गहलोत का साथ हमेशा अहमद पटेल ने दिया?

जब गहलोत काफी जद्दोजहद के बाद राजस्थान के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तब भी और उसके बाद सचिन पायलट की नाराजगी के बाद उत्पन्न हुआ कुर्सी का संकट तब भी अहमद पटेल अशोक गहलोत के साथ खड़े नजर आए? सचिन पायलट के बगावत करने के बाद, राजस्थान कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रभारी अविनाश पांडे को बदल कर, अजय माकन को प्रभारी बनाने की बात हो या फिर सचिन पायलट को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाकर गोविंद सिंह डोटासरा को अध्यक्ष बनाने की बात हो या फिर तमाम अग्रिम संगठनों के सचिन पायलट समर्थक अध्यक्षों को हटाने कर अशोक गहलोत समर्थकों को अध्यक्ष बनाने की बात हो, अशोक गहलोत का साथ अहमद पटेल ने दीया? जब कांग्रेस के आंतरिक चुनाव कराने की बात आई, तब कांग्रेस चुनाव समिति का अध्यक्ष गुजरात के कांग्रेसी नेता मधुसूदन मिस्त्री को बनाया गया!

कांग्रेस के आंतरिक चुनाव बार-बार टलते गए, और कोरोना के कारण अहमद पटेल की मृत्यु हो गई! अहमद पटेल कॉन्ग्रेस के आंतरिक चुनाव होते तो नहीं देख पाए क्योंकि चुनाव टलते रहे! अब संभावना है कि कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव उनके खास मित्र अशोक गहलोत लड़ेंगे? अशोक गहलोत के लाख प्रयास करने के बाद भी राहुल गांधी टस से मस नहीं हो रहे हैं! राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद को स्वीकार नहीं करने का जो फैसला लिया उस फैसले पर राहुल गांधी कायम है! सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के इनकार करने के बाद फैसला लिया था कि कांग्रेस के नए अध्यक्ष का पद अशोक गहलोत संभाले! शायद सोनिया गांधी भी अपने इस फैसले पर कायम दिखाई दे रही है! हालांकि 21 सितंबर को अशोक गहलोत सोनिया गांधी से मिले भी थे कि वह अपना फैसला बदल कर राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएं मगर सोनिया गांधी भी अपने पूर्व के फैसले पर अडिग हैं!

अब शायद अशोक गहलोत को ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना होगा? अशोक गहलोत बार-बार बल्कि कई बार गांधी परिवार से वफादारी के संकेत देते नजर आए! लेकिन अशोक गहलोत गांधी परिवार के कितने वफादार हैं, इसकी असल परीक्षा की घड़ी अब अशोक गहलोत के सामने है? क्योंकि राहुल गांधी यह तो चाहते ही हैं की अशोक गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और इसके साथ ही राहुल गांधी यह भी चाहते हैं कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ें और सचिन पायलट को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाएं? जबकि अशोक गहलोत की मंशा यह है कि वह अध्यक्ष भी बने और मुख्यमंत्री भी रहे? अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष पद स्वीकार है मगर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ना स्वीकार नहीं है? और यहीं पर आकर, गांधी परिवार से वफादारी निभाने पर सवाल खड़ा होता है? यह गहलोत के सामने एक बड़ी चुनौती है, जिसका हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि अशोक गहलोत वाकई गांधी परिवार के वफादार हैं? क्योंकि अभी तक तो गहलोत की मदद दस जनपथ पर अहमद पटेल कर रहे थे मगर अब अहमद पटेल इस दुनिया में नहीं है! शायद गहलोत इन दिनों अहमद पटेल को काफी मिस कर रहे होंगे?वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र यादव कोटा, राजस्थान

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