इंदौरदेशमध्य प्रदेश

ब्रिटेन की महारानी के निधन पर मोदी सरकार तिरंगे को आधा झुका राष्ट्रीय शोक क्यों न मनाए?

गिरीश मालवीय

अंग्रेजो के साथ तो हमेशा आरएसएस वालो के रहे है मधुर संबंध।

इंदौर/मध्य प्रदेश। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर मोदी सरकार तिरंगे को आधा झुका कर राष्ट्रीय शोक क्यों न मनाए? अंग्रेजो के साथ तो हमेशा आरएसएस वालो के संबंध मधुर ही रहे है।

आरएसएस का कोई नेता आजादी की लड़ाई में जेल नही गया, यह तो आप जानते ही होंगे। लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि द्वितीय विश्व युद्ध में फंसे हुए अंग्रेजो को भारत में कोई तकलीफ ना उठानी पड़े, इसलिए आरएसएस ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग ना लेने का फैंसला किया था।

इनके पूज्य नेता गोलवलकर, बंच आफ थाॅट्स में लिखते है “अंग्रेजी-सत्ता का विरोध देशभक्ति और राष्ट्रवाद कहा जा रहा है, यह एक प्रतिक्रियावादी विचार है। इस विचार का स्वाधीनता आंदोलन, इसके नेताओं और सामान्य जनता पर भयावह प्रभाव पड़ेगा।”
(गोलवलकर, बंच आफ थाॅट्स, बंगलौर 1996, पृ.138)

इनके पितृ पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी तो एक कदम और आगे बढ़ गए थे। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तो भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंगाल के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं बंगाल सरकार में मंत्री के बतौर उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का दमन करने में अंग्रेजों की मदद करने और उन्हें सलाह देने में सक्रिय सहयोग की पेशकश की।

1942 में उन्होंने लिखा:

“सवाल यह नहीं है कि बंगाल में इस आंदोलन का मुकाबला कैसे किया जाए। प्रांत में प्रशासन को इस तरीके से चलाना चाहिए जिससे तमाम कोशिशों के बावजूद, यह आंदोलन प्रांत में अपनी जड़ें जमाने में सफल न हो पाए।”

श्यामा प्रसाद मुखर्जी आगे लिखते हैं-

“जहां तक इंग्लैंड के बारे में भारत के रुख की बात है तो इस मौके पर इनके बीच किसी भी प्रकार का संघर्ष नहीं होना चाहिए! जो व्यक्ति भी जन भावनाओं को भड़काकर आन्तरिक विक्षोभ और असुरक्षा पैदा करना चाहता है, सरकार को उसका कड़ाई से विरोध करना चाहिए।”
(श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लीव्स फ्रॉम अ डायरी, आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, पृ. 175-190)

ऐसा इनका इतिहास रहा है तो बताइए!
फिर क्यों न मनाए अपनी महारानी के मरने पर राष्ट्रीय शोक?

लिंक

https://publications.cpiml.net/book/%E0%A4%89%E0%A4%A0%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E2%80%98%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BE/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A4%8F%E0%A4%B8%E0%A4%8F%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A5%9C%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80

(Credit Fb Girish Malviya)

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