उत्तर प्रदेशसोनभद्र

वर्कर्स फ्रंट ने राज्यपाल को पत्र प्रेषित कर मजदूरों के विनियमितीकरण का उठाया मुद्दा!

दिनकर कपूर-

क्रेंद्र सरकार के बराबर हो मजदूरी की दरें, न्यायोचित व विधिक मांगों को हल करे प्रदेश सरकार!

अनपरा-सोनभद्र। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सोनभद्र प्रवास के दरम्यान वर्कर्स फ्रंट ने ईमेल से पत्र प्रेषित कर यहां के मजदूरों के विनियमितीकरण, केंद्र सरकार के बराबर मजदूरी की दर करने एवं अन्य न्यायोचित व विधिक मांगों को दिलाने का मुद्दा उठाया है।

वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर द्वारा प्रेषित पत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में काम कर रहे संविदा कर्मियों के मानवीय स्थितियों में काम कराने, कानून प्रदत्त सुविधाओं को मुहैया न कराने, स्थायी कर्मचारियों की तरह काम करने वाले मजदूरों के विनियमितीकरण व समान काम का समान वेतन, ग्रेच्युटी, आवासीय सुविधा, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन आदि के मुद्दे को उनके संज्ञान में लाते हुए अपील की है कि मजदूरों के व्यापक हित में उत्तर प्रदेश सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए दिशानिर्देश जारी करें। यह भी संज्ञान में लाया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी की दर के सापेक्ष उत्तर प्रदेश में मजदूरी की दरें बेहद कम हैं। ऐसे में मंहगाई को देखते हुए प्रदेश में भी मजदूरी की दरों को केंद्र सरकार की दरों के समकक्ष किया जाना चाहिए।

प्रेषित पत्र में बताया गया है कि इस महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में राज्य व केंद्र सरकार के बिजली व कोल परियोजनाओं के अलावा निजी क्षेत्र में एल्यूमीनियम, सीमेंट, केमिकल, बिजली परियोजनाएं आदि प्रतिष्ठान हैं। इसके अलावा बालू-पत्थर खनन, वन संपदा आदि में भी बड़े पैमाने पर मजदूर कार्यरत हैं।प्रतिष्ठानों में कार्यरत संविदा कर्मियों को बेहद खराब स्थितियों में काम करना पड़ रहा है। जबकि प्रतिष्ठानों में आम तौर पर काम करने वाले संविदा कर्मी नियमित कर्मचारियों का ही काम करते है लेकिन वेतन आदि सुविधाएं बेहद कम हैं। अनपरा व ओबरा तापीय परियोजनाओं के हाईकोर्ट द्वारा नियमित प्रकृति के जाब पर कार्यरत मजदूरों को विनियमित करने के संबंध में आदेश भी पारित किया था, इस संबंध में पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार, प्रबंधन एवं मजदूर संगठनों के बीच समझौते भी हुए थे लेकिन आज तक इसका क्रियान्वयन नहीं किया गया। इसी तरह के संविदा कर्मियों के संबंध में समान काम का समान वेतन देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश पारित किया है।

वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहा कि स्थायी प्रकृति के कामों में चलाई जा रही संविदा प्रथा अवैधानिक है, दरअसल इसका मकसद ही मजदूरों का शोषण व लूट है। इन मजदूरों को ग्रेच्युटी, आवासीय सुविधा से लेकर कानूनन जो अधिकार मिले हुए हैं उनका लाभ भी नहीं मिलता है। इन कानून प्रदत्त अधिकारों को मुहैया कराने के लिए प्रबंधन एवं शासन-प्रशासन से समझौते भी हुए हैं लेकिन उनका भी अनुपालन आम तौर पर नहीं किया जाता है। ठेका मजदूर यूनियन मंत्री तेजधारी गुप्ता ने कहा कि इस औद्योगिक जोन में सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन है जिससे मजदूरों की दुखद मौतें होती रहती हैं। अनपरा तापीय परियोजना में तो हालात इतने खराब हैं कि सैकड़ों मजदूरों को मनरेगा से भी कम मजदूरी दी जा रही है।

दिनकर कपूर अध्यक्ष, वर्कर्स फ्रंट

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